सूरज कितना बड़ा है?

सूरज कितना बड़ा है?

सूरज कितना बड़ा है?

 

हर सुबह सूरज उगता है और पूरे आकाश को रोशन कर देता है। आसमान में वो एक छोटे से गोले जैसा दिखता है। लेकिन यहाँ एक बात है जो तुम्हें हैरान कर देगी: सूरज इतना बड़ा है कि उसके अंदर दस लाख से भी ज़्यादा पृथ्वियाँ समा सकती हैं। हाँ, सच में! दस लाख!

सूरज छोटा सिर्फ इसलिए दिखता है क्योंकि वो बहुत, बहुत दूर है। सोचो अगर तुम किसी बड़े मैदान के उस छोर पर एक क्रिकेट बॉल रख दो, तो वो एक छोटे से बिन्दु जैसी दिखेगी। लेकिन पास जाओ तो वो काफी बड़ी है। सूरज भी ऐसा ही है, बस उसके और हमारे बीच 15 करोड़ किलोमीटर की दूरी है। इतनी दूरी इतनी ज़्यादा है कि रोशनी, जो कि दुनिया की सबसे तेज़ चीज़ है, सूरज से चलकर हमारी आँखों तक पहुँचने में आठ मिनट लगाती है!

समझने के लिए एक मज़ेदार तरीका है। मान लो सूरज एक बास्केटबॉल है। तो इस तुलना में पृथ्वी बस एक सरसों के दाने जितनी होगी, और वो दाना पूरे फुटबॉल के मैदान के दूसरे छोर पर होगा। इतना बड़ा फ़र्क है दोनों में! सूरज के आर-पार 109 पृथ्वियाँ एक कतार में रखी जा सकती हैं। और यह इतना भारी है कि हमारे पूरे सौरमंडल का 99 प्रतिशत वज़न अकेले सूरज का है।

भारतीय अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला ने एक बार कहा था, "जब तुम तारों और आकाशगंगा को देखते हो, तो तुम्हें लगता है कि तुम सिर्फ किसी एक जगह के नहीं, बल्कि पूरे सौरमंडल के हो।" और इस सौरमंडल का दिल है हमारा सूरज। उसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति इतनी ज़बरदस्त है कि वो सभी ग्रहों को अपनी जगह पर थामे रखती है।

सूरज सिर्फ बड़ा ही नहीं, बल्कि बेहद गर्म भी है। इसकी सतह का तापमान करीब 5,500 डिग्री सेल्सियस है, जो किसी भी धातु को हज़ारों गुना पिघला सकता है। लेकिन सूरज के बिल्कुल बीच में, जिसे "कोर" कहते हैं, वहाँ तापमान लगभग डेढ़ करोड़ डिग्री सेल्सियस होता है! वहाँ हाइड्रोजन के कण इतनी ज़ोर से दबते हैं कि वो मिलकर हीलियम बन जाते हैं, और इस प्रक्रिया में ढेर सारी ऊर्जा निकलती है। यही ऊर्जा बाद में रोशनी और गर्मी बनकर हम तक पहुँचती है।

ले ही सूरज हमें बहुत ख़ास लगे, लेकिन असल में यह एक सामान्य आकार का तारा है। ब्रह्मांड में ऐसे तारे भी हैं जो सूरज से सौ गुना बड़े हैं! सूरज बस हमारे सबसे करीबी तारा है, इसीलिए यह इतना बड़ा और चमकदार दिखता है।

तो अगली बार जब सूरज की गर्मी तुम्हारी त्वचा पर पड़े, तो याद रखना: वो गर्मी एक ऐसे तारे के दिल से आ रही है जो पृथ्वी से दस लाख गुना बड़ा है, और वो 15 करोड़ किलोमीटर का सफर तय करके सिर्फ तुम तक पहुँची है।

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